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मृत्यु की खबर

October 02, 2020 | 1 min read

जैसे आकस्मिक
कोई धुन कोई गीत पुराना बजे
और फिर वही
संवेदना के द्वार खुल जाए
वैसे ही उठती है
एक लहर
जब कोई सुनाएं
किसी के मृत्यु की खबर

जैसे गरजते बादलों से
बरसती है बारिश बेहिसाब
और बिजली के चमकने से
झूम उठे रात का प्रहर
फिर सुबह की धूप में
वैसे ही सूख जाए सारा शहर
जैसे कोई सुनाएं
किसी के मृत्यु की खबर


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